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Khatu Ka Toran Dwar Bekunth Ka Dwar Hai Lyrics

खाटू का तोरण द्वार बैकुंठ का द्वारा है | Khatu Ka Toran Dwar Bekunth Ka Dwar Hai Lyrics :-> भागवत पुराण के अनुसार, कृष्ण का जन्म वासुदेव के दिमाग से देवकी के गर्भ में दिव्य “मानसिक संचरण” द्वारा हुआ था। शास्त्रों के विवरण और ज्योतिषीय गणना के आधार पर कृष्ण के जन्म की तिथि, जिसे जन्माष्टमी के नाम से जाना जाता है,

खाटू का तोरण द्वार बैकुंठ का द्वारा है | Khatu Ka Toran Dwar Bekunth Ka Dwar Hai Lyrics

खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है
बाबा ने स्वर्ग को ही
धरती पे उतारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।

खाटू की ये गलियाँ
किसी स्वर्ग से कम तो नहीं
तेरे श्याम कुंड का जल
अमृत से कम तो नहीं
इस मिट्टी के कण कण में
इस मिट्टी के कण कण में
प्रभु वास तुम्हारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।

मेरे मन की बगिया तो
बनी श्याम बगीची है
मन की हर एक कली
तेरे नाम से सींची है
इस बगिया का बाबा
इस बग़िया का बाबा
हर फूल तुम्हारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।

जब भी ये जनम मिले
श्याम प्रेमी ही कहलाए
होके तुमसे जुदा बाबा
तेरे बच्चे ना जी पाए
कहे राज की हम सबको
तू जान से प्यारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।

खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।
बाबा ने स्वर्ग को ही
धरती पे उतारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।

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