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मुझे रास आ गया है| Mujeh Rass ah gayea hai

  • Bhajan
मुझे_रास_आ_गया_है_Mujeh_Rass_ah_gayea_hai

मुझे रासमुझे रास आ गया है| Mujeh Rass ah gayea hai :->यह सूंदर भजन के गायक का नाम बाबा चित्र विचित्र जी महाराज है बाबा यह सूंदर भजन भगवान मन को मोहित करने वाला है और प्रभु के प्रति भक्ति को बडहने वाला है।

मुझे रास आ गया है| Mujeh Rass ah gayea hai

मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥

मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥

मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल न जाना ॥

यह सर वो सर नहीं है जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में आता नहीं उठाना ॥

तेरी सांवरी सी सुरत मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने अब और ना सताना ॥

दुनियां की खा के ठोकर मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥

मेरी आरजु यही है दम निकले तेरे दर पे ।

मुझे रास आ गया है……..

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