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Shree Siddhivinayak Mantra And Aarti Lyrics

Shree Siddhivinayak Mantra And Aarti Lyrics :-> jai shree ganesh . es bhajan ko Shre Amitabh Bachan

Shree Siddhivinayak Mantra And Aarti Lyrics

ॐ ॐ ॐ
वक्रतुण्ड महाकाय
सूर्यकोटि समप्रभा
निर्विघ्नं कुरुमेदेव
सर्वकार्येषु सर्वदा
ॐ…

ॐ गण गणपतये नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
मंगल मूर्ति मोरया

ॐ गण गणपतये नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
मंगल मूर्ति मोरया

ॐ गण गणपतये नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
मंगल मूर्ति मोरया

ॐ गण गणपतये नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
मंगल मूर्ति मोरया

सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची
नूरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदुराची
कंठी झळके माल मुक्ताफळाची
जय देव, जय देव
(जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति

दर्शनमात्रे मानकामना पूर्ति
जय देव, जय देव)
(जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति
दर्शनमात्रे मान कामनापूर्ति
जय देव, जय देव)

रत्नखचिता फरा तुझा गौरीकुमारा
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा
हीरेजडित मुकुट शोभतो बरा
रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया
जय देव, जय देव
(जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति
दर्शनमात्रे मान कामनापूर्ति
जय देव, जय देव)
(जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति
दर्शनमात्रे मान कामनापूर्ति
जय देव, जय देव)

सेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को
दोंदिल लाल बिराजे सूत गौरिहार को
हाथ लिए गुड़ लड्डू साईं सुरवर को
महिमा कहे न जाय लागत हूँ पद को
जय देव, जय देव

(जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव, जय देव)
(जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव, जय देव)

लंबोधर पीताम्बर फणिवर बंधना
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना
जय देव, जय देव
(जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति
दर्शनमात्रे मान कामनापूर्ति
जय देव, जय देव)
(जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति
दर्शनमात्रे मान कामनापूर्ति

जय देव, जय देव)

आस्था सीधी दासी संकट को बैरी
विघ्न विनाशन मंगल मूरत अधिकारी
कोटि सूरज प्रकाश ऐसी छवि तेरी
गंडस्थल मदमस्तक झूले शशि बिहारी
जय देव, जय देव

(जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव, जय देव)
(जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव, जय देव)

भावभगत से कोई सहारा नागत आवे
संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे
जय देव, जय देव

(जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव, जय देव)
(जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव, जय देव)

(जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति
दर्शनमात्रे मान कामनापूर्ति
जय देव, जय देव)
(जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति
दर्शनमात्रे मान कामनापूर्ति
जय देव, जय देव)

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