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 श्री धन्वंतरि मंत्र | Dhanvantari Mantra 

 श्री धन्वंतरि मंत्र | Dhanvantari Mantra  :->व्यक्ति को अपनी इच्छा के मुताबिक मंत्रों का जप करना चाहिए पर उससे पहले स्वयं करने से पहले इसे एक विद्वान पंडित से इसके बारे में संक्षिप्त जानकारी लें |

 श्री धन्वंतरि मंत्र | Dhanvantari Mantra 

भगवान धन्वंतरि सरल मंत्र
ॐ धन्वंतराये नमः॥

आरोग्य प्राप्ति करने के लिए

ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय

त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप
श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥

Meaning :->अर्थात् परम भगवन को, जिन्हें सुदर्शन वासुदेव धन्वंतरि कहते हैं, जो अमृत कलश लिए हैं, सर्व भयनाशक हैं, सर्व रोग नाश करते हैं, तीनों लोकों के स्वामी हैं और उनका निर्वाह करने वाले हैं; उन विष्णु स्वरूप धन्वंतरि को सादर नमन है।

साधना करने के लिए मंत्र

“ॐ धन्वंतरये नमः”॥

Bhagwan Shri Dhanvantari Mantra

. ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृत कलश हस्ताय सर्व आमय
विनाशनाय त्रिलोक नाथाय श्री महाविष्णुवे नम: ||

धन्वंतरि मंत्र बिमारियों को दूर करने का लिए
(“ऊँ रं रूद्र रोगनाशाय धन्वन्तर्ये फट्।।” )

हाथ में अक्षत लेकर कम से काम दो माला का जाप करें


भगवन श्री धन्वंतरी गायत्री मंत्र

(ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
ॐ तत्पुरुषाय विद्‍महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||)

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